कविता

कई दिनों से कविता उदास रहती है।
व्यस्त जिन्दगी में भी आसपास रहती है।
नहीं मिलता वक्त उससे मिलने का जरा भी-
इसीलिए आजकल थोडा़ खटास रहती है।।

मेरा सिद्धांत

आदर्श मेरा वो नहीं, जो शीर्ष पर आसीन हो,
और अपने कर्म से, निष्कृय हो, उदासीन हो।
आदर्श मेरा निम्न स्तर का बशर होगा अगर,
कर्तव्य निष्ठा हो जिसे, निज स्वार्थ से विहीन हो।