मेरा गाँव

हर रिश्ते में पहले लगाव सा था,

रिश्ते निभाना जैसे स्वभाव सा था।

जाने कहाँ खो गयी वो रमणीयता अब,

पहले तो मेरा गाँव,एकदम गाँव सा था।

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