मुक्तक

नये मौकों से हाथ मिलाते रहिए,

किस्मत को रोज़ आजमाते रहिए।

असमंजस में पड़े रहना अच्छी बात नहीं,

ठान लिया है तो परिणाम तक जाते रहिए।

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