पत्रकार

आइना थे एक पक्ष के पक्षकार हो गए,

सियासत में पड़कर ये भी बेकार हो गए।

हर बात को सफाई से दुनिया को बताने वाले,

आज जाने क्यों बिकाऊ पत्रकार हो गए।

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