अभी तो नहीं….

देश खोखला है, तिजोरी खाली है,

तो क्या कर्जा लेकर,ये भरने वाली है।

मुद्दों की बात भी कुछ करलो साहेब कभी,

गरीबरथ चलती नहीं,बुलेट कहाँ चलने वाली है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *