प्रकाशन

साहित्यिक बगिया प्रकाशन

कलाप (Kalaap), साहित्यिक बगिया (Sahityik Bagiya)

लेखक – रजनी रामदेवभूपेन्द्र कुमार त्रिपाठीडॉ.भावना शुक्लगार्गी मोहनअमरेश गौतम “अयुज”डॉली परिहारविमल चन्द्राकरप्रेरणा गुप्तासुवर्णा परतानीअनु चतुर्वेदीललित कुमार मिश्रपुष्पा तिवारीपम्मी सडानाजान मार्टिनउषारानी रावडा० आशा सिंहश्रीमती वर्षा रावलअजय श्रीवास्तवमंजूषा मनरूपेंद्र राजगीताँजलि शुक्ला

“कलाप” में जहाँ एक ओर प्रेम की बानगी है, वहीं दूसरी ओर समाज के अनेक रुपों का वर्णन है सामाजिकता का जिक्र है तो उसका चिंतन भी समाविष्ट है। प्रकृति के अनेक रुपों का चित्रण है तो बगिया में फलते फूलते रिश्तो की कशमकश ओर कोमलता भी समाहित है।कलाप का आवरण अनुप्रिया जी द्वारा तैयार किया गया है। पुस्तक अपने गंतव्य तक पहुँचे हमारी यही मनोकामना है।मैं मंच की ओर से सभी रचनाकारों को बधाई के साथ-साथ हमसे जुड़ने के लिए, अपनी अमूल्य रचनाएँ देने के लिए आभार व्यक्त करता हूँ।

अमरेश गौतम (अध्यक्ष),साहित्यिक बगिया


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अनकहे पहलू
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अनकहे पहलू

लेखकअमरेश गौतम ‘अयुज’

आज के दिन
हर माँ अपने बच्चों के लिए
उनकी सलामती औ लम्बी उम्र के लिए
ललही छठ का व्रत रहती है।
वो देखना चाहती हैं
अपने लाल को सदा सुखी और स्वस्थ
अनेकों विधि-विधान
अन्न जल त्याग
छठ माई से उनके लिए
करती हैं दुआएं।
पर उन माताओं के दुख और
पीड़ा का कोई आंकलन नहीं
जिनके लाल
कलेजे के टुकड़े छिन गये
लापरवाही के शिकार हो गये।